ऋषिकेश के सभी भव्य पुलों की जानकारी

लक्ष्मण झूला पुल

उत्तराखंड जिस स्थल का नाम सुनते ही हमारे मन मस्तिष्क पर ऋषिकेश योग नगरी की पावन घटा छा जाती है और हमारी इस पवित्र नगरी मे जहाँ एक और हम गंगा माता की अराधना करते है वही दूसरी और राम, लक्ष्मण और सीता माता की याद मे पुल भी बनाए गए है | जो, इस नगरी की शोभा बढ़ाते है| आइए सबसे पहले बात करते लक्ष्मण झूला की जो संन 1929 में बन कर तैयार हुआ था| यह मात्र एक झूला पुल ऋषिकेश से करीब 5 की. मी. की दूरी पर स्थित है जो तपोवन के दो स्थलो टिहरी और पौड़ी जिले को जोड़ता है| जहाँ पर पैदल यात्री लोग और दुपहिया वाहन आसानी से आ जा सकते है |

राम झूला पुल

हमारी इस पावन नगरी मे एक और प्रसिद्ध और आकर्षक पुल है जिसका नाम राम झूला पुल है | यह 1986 मे बनाया गया था | यह ऋषिकेश से 3 की. मी. दूर स्थित है| जिसके दोनो और  कई सिद्ध और भव्य आश्रम है | इत्यादि है जो इस नगरी को और अधिक पवित्रता सौन्दर्य से भर देते है | रात्रि का दृश्य तो देखते ही बनता है राम झूला पुल पर जो सुन्दर लाइटो का प्रयोग किया गया है, वो इस दृश्य की और भी लुभावना और मनमोहक बना देता है |

गरुड़ चट्टी

अगर पुलो की बात हो ही रही है तो हम गरुड़ चट्टी पुल को कैसे भूल सकते है | यह पुल लक्ष्मण झूले से 3.5 कि. मी. दूरी पर है | जो शिव पुरी मे स्थित है | इस पुल की चौड़ाई बहुत अधिक है जिस पर से चार पहिया  वाहन जैसे कार, वैन इत्यादि आराम से आ जा सकते है |

बैराज पुल

इन पुलो की लाइन में ऋषिकेश की सुंदरता बैराज पुल भी एक है जो की अतयंत खूबसूरत होने के साथ – साथ काफी शांत पथ है जहाँ बहुत से लोग  व्यायाम और कसरत करने आते है |

जानकी सेतु पुल

अब आते है हमारे नव निर्मित पुल जानकी पुल पर जो की बेहद आकर्षक और मजबूत है | यह पुल मुनि की रेती मैं स्थित है | इस पुल का निर्माण कार्य  बहुत सालों से चल रहा था | जो कोरोना महामारी के कारण थम सा गया था, जो महामारी का प्रकोप कम होने पर समाप्त हुआ | यह पुल आम जनता के लिए 10 नवम्बर 2020 को शुरू क्र दिया गया था | इस पुल की लम्बाई 274.oo+(3 x 24.oo) मीटर का निर्माण कार्य है | इसको बनाने मैं 4885.60 लाख की लागत लगी है | जिसका उद्घाटन हमारे कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी और हमारे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, ऋषिकेश विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी, श्रीमती ऋतु खंडूरी जी द्वारा दिनांक :- 20 नवम्बर 2020   को किया गया था | यह पुल अन्य पुलों से काफी भिन्न है  क्यूंकि की यह पुल तीन भागों मैं बिभाजित है, जिसमें एक पथ दुपहिया वाहन के आने जाने के लिए है | इस पुल का काम अभी भी जारी है | यह पुल काफी आकर्षक और यात्रिओं के मन को लुभाने वाला है | इस पुल पर चित्रकारों द्वारा काफी सुन्दर चित्रकारी की गई है | इन चित्रों मैं सबसे सुन्दर चित्रण रामायण के सुन्दरकाण्ड का किया गया है, जो इसकी सुंदरता को और अधिक निखार प्रदान करता है | जैसे की हम सभी जानते हैं की हर 12 साल बाद कुंभ का महोत्सव मनाया जाता है और  इस बार 2021 मैं भी मनाया जा रहा है | कई यात्री गंगा स्नान करने और  ऋषिकेश के मौसम का लुफ्त उठाने आते हैं | हर साल की तरह इस बार भी ऋषिकेश को सजाया गया है | जिसमें गंगा के किनारे जगह-जगह लोग अपनी आस्था अनुसार जरुरत मंद लोगों के लिए वस्त्र दान कर सकते हैं |

इस आलेख का उद्देश्य केवल यह है की लोग हमारे उत्तराखंड की सभ्यता और संस्कृति को समझें तथा ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहाँ आएं और उत्तराखंड और इनके पुलों की महिमा को समझ पाएं |   

Janvi Bisht